Friday, July 3, 2009

इंसान था पहले बन्दर ...

आज हमारे मुल्क में भी सम्लेंगिकता को वैध करार दे दिया गया है और गे कम्युनिटी इसको सलेब्राते कर रहे हैं लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है की कोई और भी है जो इसको सलेब्राते कर रहा है और वो हैं बन्दर क्यूँ के उनको खुशी है के इंसान जो पहले बन्दर थे फिर से बंदर बन्ने जा रहे है और बंदरों को अपने पूर्वजों को फिर से पा लेने की खुशी हो रही है !

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