Friday, July 3, 2009

इंसान था पहले बन्दर ...

आज हमारे मुल्क में भी सम्लेंगिकता को वैध करार दे दिया गया है और गे कम्युनिटी इसको सलेब्राते कर रहे हैं लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है की कोई और भी है जो इसको सलेब्राते कर रहा है और वो हैं बन्दर क्यूँ के उनको खुशी है के इंसान जो पहले बन्दर थे फिर से बंदर बन्ने जा रहे है और बंदरों को अपने पूर्वजों को फिर से पा लेने की खुशी हो रही है !

Wednesday, June 10, 2009

kufr

बुतों से तुझ को उम्मीदें खुदा से न उम्मीदी ,
मुझे बता तो सही और काफिरी क्या है !

Sunday, March 29, 2009

शारीयत...

साथियों आज तालिबान और शारीयत को हर न्यूज़ चैनल भुना रहा है ! सोचा हम सब का इस बारे में जानना चाहिए! एक वेबसाईट बनी है ISLAMDHARMA.ORG जो आप की इस जानकारी के लिए मदद कर सकती है!
धन्यवाद्